Friday, April 3, 2020
Home Editorial

Editorial

शायद सच में आज भारत का लोकतंत्र खतरे में है.

२५ जनवरी को गुरुग्राम के स्कूल बस पर राजपूतों द्वारा पद्मावत फिल्म के विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थर लगने के कारण क्रांतिकारी न्यूज़ चैनल...

आरक्षण ने हमेशा प्रतिभा को कुचला है, किसका भला हुआ है इससे, देश का, बिलकुल नहीं.

आज की वर्तमान परिस्थिति में हमारा देश दो हिस्सों में बँट गया है. एक हिस्सा जो आरक्षण को वरदान मानता है और दूसरा हिस्सा...

हमारी विज्ञापन में महिला की छवि ऐसी क्यों

आज कल विज्ञापनों में महिला को दिखाया जाता है. इस पर लगातार प्रश्न पूछना चाहिए। इस में खास तरह की पुरुष वादी नजरिया दीखता...

जेएनयू चुनाव : वाम एकता किसी तरह बची एबीवीपी सबसे बड़ी संघटन के रूप में उभरी !!

जवाहरलाल नेहरू यूनवर्सिटी छात्र संघ का चुनाव सम्पन्न हुआ और चुनाव का परिणाम काफी दिलचस्प रहा। जहाँ लेफ्ट को अपनी कमजोरी पता था जिसके...

नेताजी की मृत्यु का अधखुला रहस्य

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की मृत्यु 18 अगस्त,1945 को ताइवान (पुराना नाम फारमोसा) में तथाकथित विमान-दुर्घटना (जो कभी हुई ही नहीं) में नहीं हुई थी,...

विष्णु स्तंभ है कुतुब मीनार, जानें महत्वपूर्ण तथ्‍य

कुतुब मीनार या लौह स्तम्भ एक ऐसा स्तम्भ है जिसे निजी और धार्मिक कार्यक्रम के तहत रूपांतरित किया गया, इसे अपवित्र किया गया और...

फ्रांसिस जेवियर का सच: औरंगजेब सा काम, दिया संत का नाम

ईसा मसीह के बारे में कहा जाता है कि वे ‘मानवता के पाप धोने के लिए’ सूली चढ़ गए। लेकिन संतई पाए उनके कई...

जातिगत आरक्षण ने हमेशा प्रतिभा को कुचला है, किसका भला हुआ है इससे? देश का? बिलकुल नहीं.

आज की वर्तमान परिस्थिति में हमारा देश दो हिस्सों में बँट गया है. एक हिस्सा जो आरक्षण को वरदान मानता है और दूसरा हिस्सा...