Saturday , August 8 2020
Breaking News

संपादकीय

शायद सच में आज भारत का लोकतंत्र खतरे में है.

२५ जनवरी को गुरुग्राम के स्कूल बस पर राजपूतों द्वारा पद्मावत फिल्म के विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्थर लगने के कारण क्रांतिकारी न्यूज़ चैनल एंकर, तुष्टिकरण कि राजनीति करने वाले पॉलिटिशियन और हिन्दू विरोधी वामपंथी नेता तथा पत्रकारों ने न जाने कौन कौन से उपनामों से राजपूतों को और करनी …

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आरक्षण ने हमेशा प्रतिभा को कुचला है, किसका भला हुआ है इससे, देश का, बिलकुल नहीं.

आज की वर्तमान परिस्थिति में हमारा देश दो हिस्सों में बँट गया है. एक हिस्सा जो आरक्षण को वरदान मानता है और दूसरा हिस्सा जो आरक्षण को अभिशाप मानता है. क्यों है ऐसा, हमने कभी सोचने की कोशिश नहीं की है अब तक. वरदान- आज के दलित(जो वास्तव में सिर्फ …

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हमारी विज्ञापन में महिला की छवि ऐसी क्यों

आज कल विज्ञापनों में महिला को दिखाया जाता है. इस पर लगातार प्रश्न पूछना चाहिए। इस में खास तरह की पुरुष वादी नजरिया दीखता है चाहे पानी हो कार हो या और दुसो तरह की वस्तु। आज कल विज्ञापनों में महिला को दिखाया जाता है. इस पर लगातार प्रश्न पूछना …

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जेएनयू चुनाव : वाम एकता किसी तरह बची एबीवीपी सबसे बड़ी संघटन के रूप में उभरी !!

जवाहरलाल नेहरू यूनवर्सिटी छात्र संघ का चुनाव सम्पन्न हुआ और चुनाव का परिणाम काफी दिलचस्प रहा। जहाँ लेफ्ट को अपनी कमजोरी पता था जिसके मजबूरन अपने तीन संगठन मिलकर चुनाव लड़ना पड़ा। एबीवीपी की अपना समर्थन साल दर साल बढ़ रहा है ,बापसा अपने तीन साल के यात्रा में काफी …

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नेताजी की मृत्यु का अधखुला रहस्य

नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की मृत्यु 18 अगस्त,1945 को ताइवान (पुराना नाम फारमोसा) में तथाकथित विमान-दुर्घटना (जो कभी हुई ही नहीं) में नहीं हुई थी, यह अब असंदिग्ध रूप से प्रमाणित हो चुका है। प्रमाणित तो तब ही हो गया था, जब शाहनवाज आयोग ने बिना ताइवान गए और वहां के …

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विष्णु स्तंभ है कुतुब मीनार, जानें महत्वपूर्ण तथ्‍य

कुतुब मीनार या लौह स्तम्भ एक ऐसा स्तम्भ है जिसे निजी और धार्मिक कार्यक्रम के तहत रूपांतरित किया गया, इसे अपवित्र किया गया और हेरफेर कर इसे दूसरा नाम दे दिया गया। इतिहास में ऐसे प्रमाण और लिखित दस्तावेज हैं जिनके आधार पर यह साबित किया जा सकता है कि …

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फ्रांसिस जेवियर का सच: औरंगजेब सा काम, दिया संत का नाम

ईसा मसीह के बारे में कहा जाता है कि वे ‘मानवता के पाप धोने के लिए’ सूली चढ़ गए। लेकिन संतई पाए उनके कई अनुयायी ऐसे हुए जो अपने काम से किसी बर्बर से कम नहीं थे। वे उन लोगों को सूली चढ़ाते रहे जिन्होंने ईसा के रास्ते पर चलने …

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जातिगत आरक्षण ने हमेशा प्रतिभा को कुचला है, किसका भला हुआ है इससे? देश का? बिलकुल नहीं.

आज की वर्तमान परिस्थिति में हमारा देश दो हिस्सों में बँट गया है. एक हिस्सा जो आरक्षण को वरदान मानता है और दूसरा हिस्सा जो आरक्षण को अभिशाप मानता है. क्यों है ऐसा, हमने कभी सोचने की कोशिश नहीं की है अब तक. वरदान- आज के दलित(जो वास्तव में सिर्फ …

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मदर टेरेसा का वास्तविक रूप

समाजसेवा, धर्म-परिवर्तन का सबसे अच्छा माध्यम है !– पोप फ्रांसिस ईसाइयों के सर्वाच्च धर्मगुरु पोप फ्रांसिन ने हाल ही में धर्म-परिवर्तन संबंधी ट्वीट किया कि धर्म-परिवर्तन का सबसे अच्छा माध्यम समाजसेवा है । इस ट्वीट का दुनिया भर के ईसाइयों ने स्वागत किया है । आश्‍चर्य की बात यह है …

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